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Shayari in Hindi For Whatsapp

Shayari in Hindi : After New Whatsapp Status & Love Status in English, Today we are going to share BEST Shayari Collection of all types in Hindi. It includes Hurt Whatsapp Shayari, Love Shayari, Sad Shayari, Bewafa Shayari. You can share it with your friends and family. We have also collection of Attitude Status in Hindi & Whatsapp DP Images.

 

shayari in hindi

Shayari in Hindi for Whatsapp

 

जिन कागजो💸की खातिर वो बेवफा हुए थे
वो कागज💰ही आज उनसे बेवफा हो गए


मेरी #आँखों की #रोनक और #दिल का #करार हो तुम

मेरी #आखरी मोहब्बत और #पहला प्यार हो #तुम.


जज़्बात जब थोड़े से ज़्यादा हो जाते है किसी के लिए
तो वही रिश्ता अचानक से दूर हो जाता है…


तलब ये नहीं कि किसी और की यादों का हिस्सा हो जाऊँ,
ख़्वाहिश है लम्हे भर के लिए ही सही तेरे सबसे क़रीब हो जाऊँ…!!!


गुनगुनाते हुए खुद को पाया था कभी हमने भी,,,,,
अपनी आवाज़ सुने हुए अब तो अरसा हो गया…!!


तेरे कांधे पर हो सिर मेरा और खामोशी लबों पर,
वक्त की इतनी इनायत कभी मुझ पर भी होगी क्या !!


मत दिखाओ हमें, तुम ये मुहब्बत का बहीखाता….
हिसाब-ए-इश्क़ रखना, हम दीवानों को नहीं आता….


मेरी आँखो ने पकड़ा है, उन्हे कई बार रंगे हाथ ,

वो इश्क करना तो चाहते है , मगर घबराते बहुत है …


*मैं अगर खत्म भी हो जाऊँ इस साल की तरह*

*तुम मेरे बाद भी संवरते रहना*
*नए साल की तरह*


तलब चाहे जितनी शिद्दत से हो ज़रूरी नहीं ख़्वाहिश मुकम्मल हो …..
सब कुछ आजकल खुदा की मर्ज़ी से कहा चलता है ….


थक गया हु अब ख़ुद को बेहतर करते करते ….
चलो अब ख़ुद को थोड़ा बेमिसाल करते है ……


वो ज़िंदगी ही क्या जो दर्द की मोहताज हो …
सौ बरस ऐसे जीने से सुकून की मौत बेहतर हो …


इस दुनिया से अब कट जाने को दिल चाहता है …..
मरने से पहले कुछ दिन सुकू से काटने को दिल चाहता है ….


हर साँस में उनकी याद होती है,
मेरी आंखों को उनकी तलाश होती है,
कितनी खूबसूरत है चीज ये मोहब्बत,
कि दिल धड़कने में भी उनकी आवाज होती है।💕


जिस्म सुलगता रहता है उसकी याद में मेरा
लोग अक्सर पूछते है मुझे ठण्ड क्यों नही लगती…


धागा ही समझ, तू अपनी “मन्नत” का मुझे…!

तेरी दुआओ के मुकम्मल होने का दस्तूर हूँ मैं…


शोर करती रहो तुम …….. सुर्ख़ियों में आने का

हमारी तो खामोशियाँ भी एक …….अखबार हैं.


ना दुआ चाहिए…!!!
ना दवा चाहिए…!!!

इश्क का रोग लग गया है..
थोड़ा मशवरा चाहिए…!!!!


मिलने का दौर और बढ़ाइए मोहब्बत में .
अब यादों से गुज़ारा नहीं होता।


अगर वो याद नहीं करते तो आप कर लीजिये,
रिश्तें निभाते वक्त, मुकाबला नहीं किया जाता !!


हुस्न का भाव अभी और बढ़ेगा शहर मे..*
*यारों*
*दो आशिकों ने एक ही महबूब को चुन लिया है


सुर्खियाँ सारी उसकी आँखों में हैं,
फिर क्यों कोई अखबार में वक्त ज़ाया करे!!!


कुछ फासले सिर्फ़ अांखो से होते है दिल के फ़ासले दो बातों से होते है
कोई लाख भुलाने की कोशिश करे पर कुछ रिश्ते ख़त्म साँसों से होते है


तुमको बहार समझ कर, जीना चाहता था उम्र
भर,भूल गया था की मौसम तो बदल जाते हैं.!


उड़ते ख़याल डरते हैं मुझसे
मैं लफ़्ज़ों के परिन्दों को
काग़ज़ के पिंजरो मैं भरता हूँ


जुल्फों को फैला👀 कर जब कोई 👩🏻महबूबा किसी आशिक😍 की कब्र पर रोती😭 है..
तब 😞महसूस होता है कि😖 मौत भी 👉🏻कितनी हसीं💔 होती है💏


ए मौसम तू चाहे कितना भी बदल जा,पर तुझे इन्सानों की तरह बदलने का हुनर आज भी नहीं आता…


*सुनो ”’तुम लाख छुपाओ .मुझसे जो रिश्ता है..तुम्हारा…..*

*सयाने कहते हैं नजर अंदाज करना भी मुहब्बत है…..!


इतनी बड़ी दुनिया में,

जहाँ मेरे होने का कोई सबूत नहीं..

उसे मेरे खो जाने का डर है ||


लगता है लग गयी हमें भी किसी अपने की दुआ …..
धड़कने आजकल ज़रा कम सी चलती है…..


अपनो की दुआओ ने तो हमें कब का मार दिया होता …..
ये तो दुश्मनो की बद्दुआ है जो हम आज तक ज़िन्दा है ….


*वो सज़दा ही क्या*
*जिसमे सर उठाने का होश रहे*

*इज़हारे इश्क़ का मज़ा तो तब है*

*जब मै खामोश रहूँ और तू बैचेन रहे*


दर्द ऐ दिल की आह तुम ना समझ सकोगें कभी,,

हर दर्द का मातम सरेआम नही हुआ करता..


कुछ दरमियाँ नहीं है गर तेरे मेरे तो ये बेचैनियाँ क्यूँ हैं?
लौट आओ कि कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते…!!


नफरत 😏करोगे तो 👉सिर्फ नफरत ही पाओगे, और मूझसे प्यार 💘करोगे तो अपने आप को 💏भी भूल जाओगे.😉😉


घबराने लगा है अब दिल अपनो की दुआ से भी…..
ना जाने किस दुआ से दिल की धड़कन रुक जाए …


यूँ तो आँखो के सामने ही था मंज़िल का पता,
फिर भी न जाने कैसे रह गया दो कदम का फांसला !!!


मुझे इश्क हुआ है तुझसे तुझे लिहाज हो ना हो

साथ रहना है हरपल तेरे तुझे एतराज हो ना हो


वो मुझसे रूठे सिर्फ इस बात पर

कि तुम प्यार 💕 करते हो तो अपनी हद भूल जाते हो


सबकी नींदे हराम करती है,,,,

ऐ मोहब्बत तेरी आँख क्यों नही लगती।।


देखकर तस्वीर तेरी रात क्या सोये कि बस,
रात भर ख्वाबों में तू आता रहा,जाता रहा!


अहसासों का बर्फ हो जाना यूँ मुमकिन नही साहिब
कुछ तो इसमें कसूर बेवफाई के सर्द मौसम का भी है


हर रोज बहक जाते हैं मेरे कदम, तेरे पास आने के लिये!
ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है तुमको पाने के लिये..!


मासूम मोहब्बत को ले डूबी चालाकियाँ
अब बेहद कम रिश्तों में सच्ची जान होती है….!!


तु ही बता दे ये मोहब्बत नही है तो क्या है,,
तुझे दुसरो के साथ देखकर मुझे अच्छा नही लगता…!

ज़ालिम तू सताना छोड़ ,बता तेरी रजा क्या है !
कि मोहब्बत हो गयी जिनको,अब इससे बड़ी सजा क्या है !!


तेरे ख्वाब आये भी ना कैसे . . .

इन आंखों को
ख्वाबों की लत लगाई भी तो तुमने है . . .


उसने पूछा मेरे दिये घाव, आज ही इतने ताज़ा कैसे हैं, मैंने कहा तेरी याद़ों का रख-रखाव, ही कुछ ऐसा हैं..


टूटी टूटी सी हर एक आस लगे ,
ज़िन्दगी अब मुझे राम का वनवास लगे ….


तेरी उम्मीद पे जीने से हासिल, कुछ नहीं…
लेकिन, अगर यूँ भी न दिल को आसरा देते…
…तो फिर क्या होता ll


दूर हो पर मिलने की आस है
मन को हर पल आपका एहसास है
हज़ारों है अपने पर
आप हमारे लिए खास है।


हम वो हैं जो आँखों में आँखें डाल के सच जान लेते हैं तुझसे मुहब्बत है बस इसलिये तेरे झूठ भी सच मान लेते हैं…!
🌹ज़िद्दी अशिक🌹


अदब से झुक जाना हमारी फितरत में शामिल था..*

*मगर हम क्या झुके.. लोग खुदा हो गए…💕*


हाथ बेशक छूट गया उसका,
मेरे हाथ से____
·
एहसास उसका फंसा है आज
भी, उंगलियों में मेरी ..!!😔


तेरी यादों ने मुझे क्या खूब मशरूफ किया है ऐ सनम..

खुद से मुलाकात के लिए भी वक़्त मुकर्रर करना पड़ता है।


💗💗जिन्दगी ने आज फिर हमारी अजमाइश की है l*

💗💗*भूले हुए लोगो से फिर मिलने की* फरमाइश की है ..!!


कमाल की मोहब्बत करते हो तुम भी हमसे,

पास भी नहीं रहते और दूर जाने भी नहीं देते !!😊


लगाके दौलत मे आग , हमने ये शौक पाला है …!
कोई पुछे तो कह देना की ये पागल , पागल का दीवाना है …!!


जिंदगी में खूब कमाया , क्या हीरे क्या मोती ,
क्या करूँ मगर कफ़न में जेबें नहीं होती……

जैसा हूँ खुद के लिये बेमिसाल हूँ मैं,
किसी को कोई हक़ नहीं कि मेरी परख करें !


तुम्हारी आँखों में बसा है आशियाना मेरा,

अगर ज़िन्दा रखना चाहो तो कभी आँसू मत लाना…


वो झूठ बोलते रहे हमसे, लफ्ज़ दर लफ्ज़ ।
हम मोहब्बत में थे, सच समझते रहे ।।


ज़रा सा झाँक कर तो देखिये वीरान आँखों में..
सभी एहसास आँखों की नमी से तय नहीं होते…!!


एहसास ए मोहब्बत क्या है ज़रा हमसे पूछो ….?

करवटें तुम बदलते हो नींद मेरी उड़ जाती है …!!!!!


मोहब्बत में तुम्हे आंसू बहाना भी नही आया
बनारस में रहे और पान खाना भी नही आया


मैंने कहा कभी सपनो में भी शक्ल ना मुझको दिखाई, उसने कहा, मुझ बिन भला तुझको नींद ही कैसे आई?


जनम मरण का साथ था जिनका, उन्हें भी हमसे बैर,
वापिस ले चल अब तो हमे, हो गयी जग की सैर….


*अंदाज़े से न नापिये किसी इंसान की हस्ती…*

*ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे हुआ करते हैं*


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Sachin Dubey

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